*यह सब्सिडी केवल घरों के लिए है: आपका अपना घर, बिजली कनेक्शन मालिक के नाम पर। दुकान, ऑफ़िस और फ़ैक्ट्री भी सोलर लगवा सकते हैं, लेकिन यह सब्सिडी उन्हें नहीं मिलती।
PM Surya Ghar: मुफ़्त बिजली योजना में केंद्र सरकार घर की छत के सोलर का बड़ा हिस्सा देती है: 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000 और 3 kW या उससे बड़े सिस्टम पर ₹78,000। कुछ राज्य इसके ऊपर अपनी तरफ़ से भी पैसा देते हैं। उत्तर प्रदेश ₹15,000 प्रति kW, अधिकतम ₹30,000 और देता है, इसलिए उत्तर प्रदेश के घर को 1 kW पर ₹45,000, 2 kW पर ₹90,000 और 3 kW या ज़्यादा पर ₹1,08,000 तक मिलते हैं। यह पैसा सिस्टम लगने और जाँच के बाद सीधे आपके बैंक खाते में आता है। यह 10 kW तक के स्वीकृत लोड वाले घरों के लिए है। योजना अभी मार्च 2027 तक है।
☀ अक्टूबर 2026 में जाँचा गया · स्रोत: pmsuryaghar.gov.in, MNREहमें WhatsApp पर संदेश भेजें। हम आपको आपके ज़िले में सोलर लगाने वाली कंपनियों की जानकारी और आपके बिजली बिल के हिसाब से खर्च का अनुमान भेजेंगे।
घर वालों के लिए मुफ़्त। सब्सिडी हमेशा सीधे आपके बैंक खाते में आती है।
| सिस्टम का साइज़ | केंद्र सरकार की सब्सिडी* | उत्तर प्रदेश सरकार की सब्सिडी* | कुल सब्सिडी* |
|---|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 | ₹15,000 | ₹45,000 |
| 2 kW | ₹60,000 | ₹30,000 | ₹90,000 |
| 3 kW या ज़्यादा | ₹78,000 | ₹30,000 | ₹1,08,000 |
*केवल घरों के लिए। केंद्र की सब्सिडी 3 kW पर (अधिकतम ₹78,000) और उत्तर प्रदेश की सब्सिडी 2 kW पर (₹15,000 प्रति kW, अधिकतम ₹30,000) रुक जाती है, इसलिए उत्तर प्रदेश में पूरी ₹1,08,000 की सब्सिडी 3 kW पर मिलती है।
| राज्य | अतिरिक्त सब्सिडी | राज्य की एजेंसी |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | अधिकतम ₹30,000 | UPNEDA |
जैसे-जैसे हम नए राज्य जोड़ेंगे, वे यहाँ दिखेंगे।
ध्यान दें: यहाँ दी गई कीमत, सब्सिडी और बचत के आँकड़े अनुमानित हैं। आपके घर में कितने बड़े सिस्टम की ज़रूरत है, वास्तविक खर्च कितना होगा और सब्सिडी मिलेगी या नहीं, यह छत की जाँच और बिजली विभाग की मंज़ूरी के बाद ही तय होगा।
हाल का बिजली बिल, आधार कार्ड, घर के मालिकाना हक़ का सबूत, एक फ़ोटो और आधार से जुड़ा बैंक खाता। आम तौर पर सोलर कंपनी ही सब कुछ पोर्टल पर अपलोड करने में मदद करती है।
यह सिर्फ़ घरों के लिए है: आपका अपना घर, बिजली कनेक्शन आपके नाम पर और 10 kW तक का स्वीकृत लोड। दुकान और फ़ैक्ट्री सोलर लगवा सकते हैं, लेकिन यह सब्सिडी उन्हें नहीं मिलती।
हाँ। सिस्टम लगने और नेट मीटरिंग के बाद सरकार सब्सिडी सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजती है। कोई सोलर कंपनी, एजेंट या वेबसाइट इसे नहीं छूती।
pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन से लेकर खाते में पैसा आने तक आम तौर पर 45 से 90 दिन। इसमें ज़्यादातर समय मंज़ूरी और जाँच में जाता है। सिस्टम लगाने में सिर्फ़ 1 से 3 दिन लगते हैं।
आम कारण: सरकारी सूची (ALMM) से बाहर के पैनल, स्वीकृत लोड से बड़ा सिस्टम, आधार से न जुड़ा बैंक खाता, आपकी बिजली कंपनी की सूची से बाहर की सोलर कंपनी, या पोर्टल पर अधूरे कागज़।
हाँ, अपने स्वीकृत लोड तक (योजना में अधिकतम 10 kW)। लेकिन सब्सिडी ₹78,000 केंद्र (उत्तर प्रदेश की सब्सिडी के साथ ₹1,08,000) पर रुक जाती है, इसलिए अतिरिक्त kW पूरी कीमत पर लगते हैं। फिर भी बिल की बचत से उनकी लागत निकल आती है।
जानकारी के स्रोत: pmsuryaghar.gov.in, MNRE और राज्य की नोडल एजेंसियाँ। आख़िरी जाँच: अक्टूबर 2026।